Skip to main content

अगर चाहते है काम Vyapar मे हमेशा बनी रहे Barkat तो एक बार अवश्य अपनाये यह उपाय !!


 अगर चाहते है काम धंधे मे हमेशा बनी रहे बरकत/Barkat  तो एक बार अवश्य अपनाये यह उपाय !!
बरकत वह शुभ स्थिति जिसमें कोई चीज या चीजें इस मात्रा में उपलब्ध हों कि उनसे आवश्यकताओं की पूर्ति होने के बाद भी वह बची रहे अर्थात अन्न इतना हो कि घर के सदस्यों सहित अतिथि आए तो वह भी खा ले।धन इतना हो कि आवश्यकताओं की पूर्ति के बावजूद वह बचा रहे।आओ हम जानते हैं कि Barkat  बनी रहने के ऐसे कौन से अचूक उपाय (Barkat Ke Upay) हैं जिनको करने से आपके घर और आपकी जेब की बरकत बनी रहे।भरपूर रहे मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) और अन्नपूर्णा की कृपा।

Read About: Barkat Ke Upay

1. प्रकृति का यह नियम है कि आप जितना दान देते हैं वह उसे दोगुना करके लौटा देती है।यदि आप धन/money या अन्न को पकड़कर रखेंगे तो वह छूटता जाएगा।दान में सबसे बड़ा दान है अन्नदान।

Read About: Vyapar Me Safalta Ke Upay

2.आप गोमती चक्र के प्रयोग से व्यापार में उन्नति (vyapar me safalta ke upay) के लिए अचूक टोटका कर सकते हैं। इसके लिए विषम मात्रा में गोमती चक्र लेकर ( 3,5,7 आदि) उन्हें चांदी के किसी तार में पीरों दें। इसके बाद इसके किसी पारदर्शी थैली लेकर उसमे डाल दें। आप इसे किसी साफ़ कपड़े में भी लपेटकर रख सकते हैं।इन गोमती चक्रों को अपने जेब डालकर रखें। ये व्यापार व कारोबार में वृद्धि (Vyapar me Vridhi ke Upay)  के अंतर्गत बहुत ही असरदार टोटका है।इस टोटके ( Barkat Ke Totke ) का प्रयोग आपको चारो तरफ़ से सफलता दिलाएगा।इससे आपकी धन संबंधी सभी मुश्किलें हल होंगी | इस प्रयोग को करते समय ये ध्यान रखें कि इस दौरान आप मांस का सेवन, मदिरा पान, स्त्री-प्रसंग आदि से दूर रहें।इस प्रयोग के दौरान शमशान में जाना भी वर्जित है| जब भी आप घर से दुकान या ऑफिस जाएँ आपने इष्टदेव को ज़रूर याद करके जाएँ. ये छोटा या उपाय आपके रास्ते की सारी मुश्किलों को दूर कर देगा|

Read About: Lakshmi Prapti Ke Upay

3. आप नीम्बू और हरी मिर्च के प्रयोग से भी व्यापार व कारोबार में वृद्धि ( Vyapar Me Barkat Ke Upay)  के उपाय कर सकते हैं. इसके लिए 7 हरी मिर्च और 7 नीम्बू लेकर माला बनायें गौर उसे दुकान में वहां पर टांगे जहाँ ग्राहक की निगाह उस पर पड़े. ये बहुत ही आसान सा उपाय है इसके आपको काफी अच्छे परिणाम मिलेंगे|

Read About : Amir Banne Ke Tarike

4. शनिवार के दिन पीपल का पत्ता तोड़ें और धुप आदि बताकर दुकान के अपने आसन के नीचे रख लें. ये प्रयोग बड़ा ही आसन है. इसका प्रयोग अगर आप लगातार बार करें. ऐसा प्रयोग करने पर आपके आसन के नीचे कुल सात पत्ते इकठ्ठे हो जायेंगे. इस पत्तों को किसी तालाब अथवा कुएं में प्रवाहित कर दें. ये प्रयोग करने पर आपकी दुकान चल पड़ेगी|

Comments

Popular posts from this blog

Lord Shiva quotes and mahakal status

lord shiva Mainne Kaha: Aparaadhee Hoon Main,  👉🏾Mahadev Ne Kaha: "Kshama Kar Doonga"  👤Mainne Kaha: Pareshana Hoon Main,  👉🏾 MahadevNe Kaha: "Sambhaal  Loonga  "  👤Main Kaha: Akela Hoon Main  👉🏾 Mahadev Ne Kaha: 'Saath Hoon Main "  👤Aur Mainne Kaha:" Aaj Bahut Udaas Hoon Main "  👉🏾 Mahadev Ne Kaha:" Najar Utha Ke To Dekh, Tere Aas Paas Hoon Main ...! " Lord Shiva images , Shiva Wallpaper  ,  Lord Shiva quotes and mahakal status ., Lord shiva hd wallpaper ,\ Lord Shiva Yoga Wallpaper , Lord Shiva , Lord Shiva angry images hd   ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम्पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात।। ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं ह शिव की शक्ति, शिव की भक्ति, ख़ुशी की बहार मिले, शिवरात्रि के पावन अवसर पर आपको ज़िन्दगी की एक नई अच्छी शुरुवात मिले!   Lord Shiva images , Shiva Wallpaper  ,  Lord Shiva quotes and mahakal status ., Lord shiva hd wallpaper ,\ Lord ...

Kaal sarp Dosha, Impacts and Remedies

Concept behind Kaal Sarp Dosha: A dosha is an unfavorable condition in a person’s birth chart due to movement of some particular planet in an unfavorable house. The kaalsarp dosh  is one of the most horrific doshas. Kaalsarpyog is formed when all seven planets are come between Rahu and Ketu . The word ‘kaal’ signifies time and ‘sarp’ is the serpent. Thus, kaalsarp dosha signifies a soul caught in the serpent of time due to misdeeds in previous births. Defining Kaal sarp Dosha nivaran exactly, rahu must be ahead of the Ascendant and Ketu should be behind it. All the planets should occupy between them. No planet should be in conjunction with Rahu or Ketu and exactly half the birth chart should be devoid of any planet. There are 12 types of Kaal Sarp dosha Yoga: Kulika Yoga: Rahu occupies the second house and Ketu the eighth house. Financial losses, property loss, parental debts, health issues are the inherent side-effects. Vasuki Yoga: Rahu occupies the thi...

कैसे हुई थी राधा की मृत्यु, श्रीकृष्ण ने क्यों तोड़ दी थी बांसुरी?

Radha Rani जब भी प्रेम की मिसाल दी जाती है तो श्रीकृष्ण-राधा के प्रेम की मिसाल सबसे पहले आती है.   राधा-श्रीकृष्ण के प्रेम   को जीवात्मा और परमात्मा का मिलन कहा जाता है. राधा श्रीकृष्ण का बचपन का प्यार थीं. श्रीकृष्ण जब 8 साल के थे तब दोनों ने प्रेम की अनुभूति की. राधा श्रीकृष्ण के दैवीय गुणों से परिचित थीं. उन्होंने जिंदगी भर अपने मन में प्रेम की स्मृतियों को बनाए रखा. यही उनके रिश्ते की सबसे बड़ी खूबसूरती है.   Kya hai RadhaAshtami? कहा जाता है कि श्रीकृष्ण को केवल दो ही चीजें सबसे ज्यादा प्रिय थीं. ये दोनों चीजें भी आपस में एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई थीं- बांसुरी और राधा. कृष्ण की बांसुरी की धुन ही थी जिससे राधा श्रीकृष्ण की तरफ खिंची चली गईं. राधा की वजह से श्रीकृष्ण बांसुरी को हमेशा अपने पास ही रखते थे. भगवान श्रीकृष्ण से राधा पहली बार तब अलग हुईं जब मामा कंस ने बलराम और कृष्ण को आमंत्रित किया. वृंदावन के लोग यह खबर सुनकर दुखी हो गए. मथुरा जाने से पहले श्रीकृष्ण राधा से मिले थे. राधा, कृष्ण के मन में चल रही हर गतिविधि को जानती ...